

सक्ती – छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में वेदांता पावर सक्ती थर्मल पावर प्लांट ने महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की अपनी पहल का प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन द्वारा 2 नवंबर को आयोजित राज्योत्सव में कंपनी के विशेष स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट सखी के तहत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा तैयार जूट बैग, भित्ति कला, हाथ से रंगे दीये, प्राकृतिक सामग्री से बने साबुन और मोमबत्तियों को प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के जरिए ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता, हुनर और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मंच मिला।
वहीं, बस्तर की पारंपरिक कला और टैटू कला की झलक के साथ मशरूम उत्पादन की तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से किसानों को मशरूम की खेती और अतिरिक्त आय के अवसरों की जानकारी दी गई। स्टॉल में वेदांता पावर के विद्युत संयंत्र का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिसके जरिए आगंतुकों को बिजली उत्पादन की प्रक्रिया समझाई गई।
स्टॉल का उद्घाटन राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
वेदांता पावर के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। वहीं, सक्ती थर्मल पावर प्लांट के सीओओ देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि प्रोजेक्ट सखी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक हुनर को आजीविका के अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
300 से अधिक महिलाओं को मिला प्रशिक्षण
प्रोजेक्ट सखी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब तक 300 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका सृजन के अवसरों से जोड़ा गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में प्लांट की सामुदायिक विकास गतिविधियों के जरिए अब तक 18,600 लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इन गतिविधियों में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
