

सक्ती – जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सक्ती में पदस्थ नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता, कथित अवैध वसूली एवं सेवा भर्ती नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। शिकायत में वर्ष 2020-21 से लेकर वर्तमान तक बैंक की विभिन्न शाखाओं और धान उपार्जन केन्द्रों में नियुक्तियों तथा वित्तीय कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार सेवा भर्ती संशोधन नियम, 2018 के प्रावधानों के विपरीत कथित रूप से अपात्र व्यक्तियों की नियुक्तियां की गईं तथा धान उपार्जन केन्द्रों में नियुक्ति के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। वर्ष 2025-26 में पुटीडीह, छोट कटेकोनी, बरतूंगा और सरियाढ़ सहित कई उपार्जन केन्द्रों में नियमों के विपरीत नियुक्तियां किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
इसके अलावा वर्ष 2020-21 के दौरान डभरा एवं चंद्रपुर शाखाओं में प्रोत्साहन राशि के उपयोग में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सीईओ को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपते हुए पांच बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में संबंधित अधिकारी एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की सक्षम एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग भी की गई है, ताकि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
मामला किसानों के हित, सहकारी संस्थाओं की पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ा होने के कारण गंभीर माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए राज्य सरकार से समयबद्ध और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की मांग की जाएगी, जिससे सहकारी व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रह सके।
