

सक्ती – छत्तीसगढ़ आज देश के तेजी से उभरते औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और इस प्रगति के पीछे जिन प्रमुख औद्योगिक समूहों का योगदान है, उनमें वेदांता लिमिटेड का नाम अग्रणी रूप से सामने आता है। वेदांता केवल एक औद्योगिक समूह नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारी का एक व्यापक मॉडल बनकर उभरा है। समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में वेदांता ने एल्यूमिनियम, जिंक, कॉपर, ऊर्जा, ऑयल एंड गैस समेत कई क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उनका स्पष्ट मानना है कि उद्योगों का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज को समृद्ध बनाना भी है।
बालको: देश की एल्यूमिनियम शक्ति
छत्तीसगढ़ में वेदांता का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक निवेश Bharat Aluminium Company (बालको) के रूप में सामने आया। वर्ष 1965 में स्थापित बालको, आज राज्य की एकमात्र एल्यूमिनियम उत्पादक इकाई है और देश के लगभग 15 प्रतिशत एल्यूमिनियम का उत्पादन करती है। वर्ष 2001 में वेदांता समूह द्वारा अधिग्रहण के बाद बालको ने अभूतपूर्व विकास किया। उत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई और बिजली उत्पादन क्षमता 270 मेगावॉट से बढ़कर 810 मेगावॉट तक पहुंच गई। आज बालको अपनी उत्पादन क्षमता को 10.10 एलटीपीए तक बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बालको ने पिछले एक दशक में राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपए का योगदान दिया है। इसके साथ ही हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई ताकत
वेदांता ने छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में 1200 मेगावॉट के विद्युत संयंत्र का अधिग्रहण कर ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। पहले एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के नाम से जाना जाने वाला यह संयंत्र अब वेदांता लिमिटेड के संचालन में है। वर्ष 2022 में अधिग्रहण के बाद इस बंद पड़े संयंत्र को पुनर्जीवित किया गया, जिससे न केवल बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिला, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए। इस परियोजना में 600-600 मेगावॉट की दो इकाइयां शामिल हैं, जो प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सामाजिक विकास में अग्रणी भूमिका
वेदांता ने केवल औद्योगिक विकास तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कंपनी लगातार सक्रिय है। सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के तहत अब 4 गांवों से बढ़कर 123 गांवों तक पहुंच बनाई गई है। लगभग 470 करोड़ रुपए का निवेश सामाजिक योजनाओं में किया गया है, जिससे करीब 2 लाख लोगों को लाभ मिला है। शिक्षा के क्षेत्र में बालको प्रबंधन द्वारा संचालित स्कूलों में 5000 से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति
छत्तीसगढ़ में वेदांता का एक और महत्वपूर्ण योगदान Balco Medical Centre के रूप में सामने आया है। नया रायपुर में स्थित यह अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल मध्य भारत का प्रमुख उपचार केंद्र बन चुका है। 170 बेड वाले इस अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अब तक यहां 66,000 से अधिक मरीजों का इलाज और 4 लाख से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। 12,000 से अधिक जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जो इसकी विशेषज्ञता को दर्शाती हैं।
पर्यावरण और भविष्य की सोच
वेदांता पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लगातार प्रयासरत है। पौधारोपण, नई तकनीकों का उपयोग और संसाधनों के संतुलित उपयोग के जरिए कंपनी सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।
निष्कर्ष
वेदांता ने छत्तीसगढ़ में यह साबित किया है कि उद्योग केवल उत्पादन और मुनाफे का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार भी हो सकता है। रोजगार सृजन, सामाजिक उत्थान, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने वेदांता को प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का प्रतीक बना दिया है।
