

सक्ती – वेदांता पावर के सक्ती जिले स्थित 1200 मेगावॉट थर्मल पावर प्लांट द्वारा संचालित सामुदायिक विकास कार्यक्रम ‘सखी परियोजना’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। परियोजना के तहत ग्राम पंचायत सिंघीतराई, निमोही और ओड़ेकेरा की लगभग 120 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में 120 महिलाओं ने प्रशिक्षण के लिए पंजीयन कराया है। तीन माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को सिलाई कार्य में दक्ष बनाया जाएगा, ताकि वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सक्षम होंगी। परियोजना का संचालन स्वयंसेवी संस्था ‘स्रोत’ के सहयोग से किया जा रहा है।
वेदांता पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्र के नागरिकों को सशक्त बनाना है। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का नियमित अभ्यास करने की अपील करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वेदांता पावर उन जरूरतमंद महिलाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है जो सिलाई के माध्यम से परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती हैं।
ग्राम पंचायत सिंघीतराई में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन देवरघटा क्षेत्र की बीडीसी सदस्य काजल किरण डनसेना ने किया। वहीं ओड़ेकेरा की सरपंच मीना चंद्रिका चौहान तथा निमोही की महिला समूह अध्यक्ष सुनीता धीरज ने अपने-अपने पंचायतों में प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की।
काजल किरण डनसेना ने कहा कि वेदांता पावर की इस पहल से क्षेत्र की महिलाएं स्वावलंबी बन सकेंगी। सरपंच मीना चंद्रिका चौहान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को महिलाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहने चाहिए।
सिंघीतराई की पंच रूक्मिणी भारद्वाज ने बताया कि महिलाएं प्रशिक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और इससे उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। ओड़ेकेरा की पूर्व सरपंच नान कुंवर राठिया ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं प्रशिक्षण से जुड़ रही हैं।
प्रशिक्षु रजनी भारद्वाज ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम से वह परिवार की आर्थिक मदद करने में सक्षम होंगी। वहीं प्रशिक्षक मनीषा भारद्वाज ने बताया कि यह प्रशिक्षण उन महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा जिनके पास आजीविका के सीमित साधन हैं।
