

सक्ती – जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से जुड़े कथित अवैध वसूली और लेनदेन के मामले में नया मोड़ सामने आया है। आरोप है कि नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय से जुड़े रुपये के लेनदेन की फोन-पे ट्रांजेक्शन हिस्ट्री सामने आई है, जिसमें विभिन्न तिथियों में राशि के आदान-प्रदान की जानकारी होने का दावा किया जा रहा है।
मामले को लेकर विभागीय कर्मचारियों और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड कथित आर्थिक लेनदेन की पुष्टि करने वाले महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों और सामने आए ट्रांजेक्शन की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, मामले में नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और उच्च अधिकारी इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
