

सक्ती – जिले के सहकारिता विभाग में एक अधिकारी पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लग रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारियों पर रुपए देने का दबाव बनाते हैं। आरोप है कि कभी “शाम की व्यवस्था” तो कभी “सेवा शुल्क” के नाम पर कर्मचारियों से रकम की मांग की जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी और उनके ड्राइवर के मोबाइल नंबरों पर फोन-पे के माध्यम से कई बार पैसों का लेन-देन हुआ है। इन ट्रांजेक्शनों को लेकर सक्ती जिले में चर्चा है। कर्मचारियों का कहना है कि रुपए नहीं देने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और कामकाज में अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।
विभागीय सूत्रों का यह भी दावा है कि अवैध वसूली के पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड संबंधित अधिकारी ही है, जो अपने करीबी लोगों के माध्यम से राशि एकत्रित करवाता है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है।
